सूरजपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की डिजिटल पहल ‘सेवा सेतु’ राज्यभर के नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सुशासन की एक नई मिसाल पेश कर रही है। शासकीय सेवाओं को सरल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने के उद्देश्य से संचालित यह योजना अब विद्यार्थियों के भविष्य को गंतव्य तक पहुँचाने में बेहद मददगार साबित हो रही है।
दफ़्तरों के चक्करों से मुक्ति, घर के पास ही मिली सुविधा
सूरजपुर जिले के भैयाथान तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत करोंदामूड़ा के निवासी श्री नवानंद ने अपनी पुत्री कुमारी संजना की आगे की पढ़ाई और शासकीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए ‘सेवा सेतु’ पोर्टल के जरिए ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र हेतु आवेदन किया था। पहले जहाँ प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नागरिकों को बार-बार तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे, वहीं इस बार बिना किसी भाग-दौड़ और अतिरिक्त आर्थिक बोझ के मात्र कुछ ही दिनों में डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र आवेदक को प्राप्त हो गया।
“पहले एक प्रमाण पत्र बनवाने में काफी समय, श्रम और पैसा खर्च होता था। अब डिजिटल व्यवस्था इतनी सरल हो गई है कि घर बैठे ही बिना किसी परेशानी के प्रमाण पत्र मिल गया। इसके लिए हम छत्तीसगढ़ शासन का सहृदय आभार व्यक्त करते हैं।” > — नवानंद, लाभार्थी (संजना के पिता)
शिक्षा और छात्रवृत्ति का मार्ग हुआ निष्कंटक
जाति प्रमाण पत्र समय पर मिलने से अब कुमारी संजना के प्रवेश प्रक्रिया, छात्रवृत्ति और अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक औपचारिकताओं में आ रही बाधाएँ समाप्त हो गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर आवश्यक दस्तावेजों का न बनना अक्सर प्रतिभाओं के आगे बढ़ने में रोड़ा बन जाता है, जिसे ‘सेवा सेतु’ ने अपनी त्वरित और पारदर्शी सेवा से दूर कर दिया है।
सुशासन और पारदर्शी सेवा वितरण का मजबूत आधार
राज्य सरकार का मूल ध्येय है कि प्रदेश के प्रत्येक पात्र नागरिक को सरकारी सेवाएं समयबद्ध, पारदर्शी और आसान तरीके से उपलब्ध हों। ‘सेवा सेतु’ योजना ने डिजिटल सेवा विस्तार के माध्यम से न केवल प्रक्रियाओं से बिचौलियों की भूमिका खत्म की है, बल्कि ग्रामीण अंचल के लोगों के भीतर शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास को भी सुदृढ़ किया है।
