रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वरिष्ठ पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी द्वारा लिखित पुस्तक ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ का विधिवत विमोचन किया। दो भागों में प्रकाशित यह पुस्तक प्रदेश में संचालित ‘महतारी वंदन योजना’ के जमीनी प्रभाव, हितग्राही महिलाओं की आत्मनिर्भरता और उनके जीवन में आए सकारात्मक सामाजिक-आर्थिक बदलावों की वास्तविक कहानियों का संकलन है।
महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता में हुई वृद्धि: मुख्यमंत्री
पुस्तक विमोचन अवसर पर लेखिका को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं को न केवल नियमित आर्थिक संबल दिया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और परिवार के वित्तीय निर्णयों में उनकी भागीदारी को भी मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत शुरू की गई इस योजना से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाएं सीधे लाभान्वित हो रही हैं। योजना के तहत हर महीने ₹1000 की राशि डीबीटी के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जा रही है। अब तक 30 किस्तों के जरिए लगभग 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है, जिसका उपयोग महिलाएं बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और छोटी बचत के लिए कर रही हैं।
योजना के सामाजिक प्रभाव का जीवंत दस्तावेज: लक्ष्मी रजवाड़े
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी सरकारी योजना का वास्तविक मूल्यांकन उसके लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव से होता है। पत्रकार निशा द्विवेदी ने गांव-गांव जाकर महिलाओं के अनुभवों, संघर्षों और सफलता की कहानियों को एकत्र कर एक सशक्त दस्तावेज तैयार किया है।
क्या है पुस्तक ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ में?
पुस्तक की लेखिका सुश्री निशा द्विवेदी ने बताया कि दोनों भागों में प्रदेश के सुदूर अंचलों की महिलाओं के वास्तविक अनुभवों को शामिल किया गया है। पुस्तक में दर्शाया गया है कि किस तरह ₹1000 की नियमित मासिक सहायता ने महिलाओं की दैनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उनके सामाजिक सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता को नई दिशा दी है।
विमोचन कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
इस गरिमामय अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर महापौर मीनल चौबे, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, गौरी शंकर श्रीवास, शताब्दी पांडेय सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, साहित्यकार एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
