वन्यजीव तस्करों पर वन विभाग का कड़ा प्रहार: मोहला में सांभर का शिकार करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट के आदेश पर भेजे गए जेल

रायपुर/मोहला-मानपुर। छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों के संरक्षण एवं सुरक्षा को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के कड़े निर्देशों के बाद वन विभाग ने वन्यजीव तस्करों और शिकारियों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में मोहला वनमंडल के अंतर्गत आने वाले दक्षिण मानपुर क्षेत्र में सांभर का शिकार करने में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई, रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी

वनमण्डलाधिकारी दिनेश कुमार पटेल के अनुसार, 6 अगस्त की शाम वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि औंधी तहसील के ग्राम पंचायत बागडोगरी अंतर्गत रेंगाटोला गाँव में कुछ असामाजिक तत्व सांभर का मांस पका रहे हैं।

सूचना मिलते ही दक्षिण मानपुर के परिक्षेत्र अधिकारी तथा मानपुर के उपवनमंडलाधिकारी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सर्च वारंट के साथ मौके पर छापेमारी की। मौके से वन विभाग की टीम ने पका हुआ मांस जब्त किया। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि खेत में फंसे हुए सांभर के बच्चे की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या की गई थी।

“वन्यजीवों के संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन्यजीवों को नुकसान पहुँचाने वाले शिकारियों और तस्करों के खिलाफ लगातार कड़े कदम उठाए जाएँगे।” > — केदार कश्यप, वन मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन

न्यायालय ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में राजनांदगांव जेल भेजा

वन विभाग की टीम ने तीनों आरोपियों—काजूराम (पिता मसरूराम), रघुराम (पिता मनीराम) और राहुल (पिता सुकलु)—को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया। इसके पश्चात आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सी.जी.एम.) न्यायालय, अंबागढ़ चौकी के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर राजनांदगांव जेल भेजने का आदेश दिया।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षा हेतु गश्त बढ़ा दी गई है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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