अंबिकापुर:
पवित्र श्रावण मास के अवसर पर भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ छत्तीसगढ़ का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो चुका है। इसी कड़ी में ऐतिहासिक स्थल रामगढ़ से पवित्र कैलाश गुफा की ओर कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के जत्थे का छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आत्मीय स्वागत एवं सत्कार किया। उन्होंने यात्रियों से आत्मीय संवाद कर उनकी यात्रा की जानकारी ली और सभी श्रद्धालुओं की सुखद, सुरक्षित व सफल यात्रा के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
आस्था, तपस्या और समर्पण की अनूठी यात्रा
कांवड़ यात्रियों का उत्साहवर्धन करते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि श्रावण मास में निकलने वाली कांवड़ यात्रा केवल एक पारंपरिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति, तपस्या और समर्पण का जीवंत प्रतीक है। कठिन रास्तों, मौसमी चुनौतियों और लंबी दूरी के बावजूद कांवड़ियों का उत्साह यह दर्शाता है कि भगवान शिव के प्रति उनका विश्वास कितना प्रगाढ़ है। यह यात्रा श्रद्धालुओं की आध्यात्मिक ऊर्जा और अटूट भक्ति को प्रकट करती है।
सामाजिक समरसता और सेवा भाव का संदेश
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि ऐसी धार्मिक यात्राएं समाज में भाईचारे, सेवा, सद्भाव और एकजुटता की भावना को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि कांवड़ियों की सेवा करना, उन्हें राहत पहुंचाना और उनकी यात्रा को सुगम बनाना भी भगवान भोलेनाथ की आराधना का ही एक अभिन्न हिस्सा है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति में सेवा और सामुदायिक सहभागिता की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।
श्रद्धालुओं से अनुशासन और स्वच्छता की अपील
यात्रा के दौरान मंत्री ने सभी कांवड़ यात्रियों से अनुशासन बनाए रखने, सुरक्षा नियमों का पालन करने और यात्रा मार्ग पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया।
इस दौरान पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। आत्मीय स्वागत और मिले संबल के लिए कांवड़ यात्रियों ने मंत्री राजेश अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त किया।
