जशपुर। भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) के एकीकृत नियंत्रण कक्ष द्वारा जारी मौसम संबंधी सूचना के अनुसार, झारखंड के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (डिप्रेशन) के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के कारण उत्तरी छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश तथा तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
यह डिप्रेशन वर्तमान में झारखंड के रांची के निकट केंद्रित है, जो जशपुरनगर से मात्र 130 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व तथा अंबिकापुर से 210 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित है। अगले कुछ घंटों के दौरान इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ से गुजरने की संभावना है, जिसका सीधा प्रभाव उत्तर छत्तीसगढ़ सहित जशपुर जिले में देखने को मिलेगा।
14 से 17 अगस्त तक बारिश को लेकर अलर्ट
मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार:
- 14 एवं 15 अगस्त: उत्तर छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है। जशपुर जिले में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
- 16 एवं 17 अगस्त: उत्तर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा और जशपुर में एकाध स्थानों पर भारी बारिश की गतिविधि जारी रहने का अनुमान है।
55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, नुकसान की आशंका
जारी सूचना के अनुसार, उत्तर छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों में अगले 12 घंटों के दौरान 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और हवा के झोंके 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
संभावित खतरे व प्रभाव:
- तेज हवा और भारी बारिश के कारण पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और कमजोर संरचनाओं को आंशिक क्षति पहुंच सकती है।
- निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति, जलजमाव और कुछ संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन (Landslide) की स्थिति निर्मित हो सकती है।
- बिजली आपूर्ति और सड़क आवागमन प्रभावित होने की आशंका है।
- केले, पपीता एवं अन्य बागवानी फसलों के साथ खड़ी फसलों और नए पौधरोपण को नुकसान पहुंच सकता है। खुले में रखी हल्की वस्तुएं उड़ सकती हैं।
जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी: बरतें ये सावधानियां
मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है:
- सुरक्षित स्थान पर रहें: मौसम खराब होने की स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाएं।
- पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें: आंधी-तूफान एवं आकाशीय बिजली की संभावना के दौरान पेड़ों के नीचे बिल्कुल भी आश्रय न लें।
- विद्युत उपकरण सुरक्षित रखें: आकाशीय बिजली और तूफान के समय इलेक्ट्रॉनिक व विद्युत उपकरणों को सुरक्षित रखें।
- जलभराव व जलस्रोतों से दूरी: जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचें। नदी, नाले, जलाशय तथा अन्य जलस्रोतों के पास जाने और पर्यटन/मनोरंजन संबंधी गतिविधियों में पूरी सावधानी बरतें।
जिला प्रशासन द्वारा संबंधित सभी विभागों को मौसम की स्थिति पर 24 घंटे लगातार नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
